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Thursday, December 08, 2016

Mad-Ad

Advertising the software product which doesn't exist:

Watch this Mad-Ad here:



Script follows (There are some changes in actual performance):

----- Pirates Of Carribian Music (Violin, Guitar & Bongo) ---

4 guys start running in slow motion with extreme expressions of exhaustiveness. One guy is chilling and just walking faster than others.

Cool guy wins the race (music slows down).

Arun V: I am the new gen Reflexis Performance Engine in RWS 5.0....!

(Loud Chorus) RWS 5.0, क्युंकी ये आराम का मामला है!

---- Security ----

(Pirates theme continues in the background...)

Agastya (With Pirate Band on Head... and one eye covered) (Just a Guitar jam) : आउSSS... Crime Master Gogo नाम है मेरा... आखे निकालकर गोटिया खेलता हू मै....गोटिया... आया हू कूछ तो लूटकर जाऊंगा मै... खानदानी चोर हू मै...!

Types various things on laptop (Background score on Bongo).. Gets frustrated and bangs the keyboard on the floor.

Ranga: (Parade on Bongo) परेड सावधान....!! I am new Reflexis Kernel two dot wo. I make RWS 5.0 as secure as a Fort....!

(Loud Chorus) RWS 5.0, Hack me if you can!!!

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---- Multi lingual ------

Chorus: Sing a famous A R Rehman song.

Rohit comes and tweaks some switches.

Chorus: Same song in Hindi.

Rohit: Globalization is at the heart of RWS 5.0. Get the data in the language you understand.

(Loud Chorus) RWS 5.0, आओss माओss चाओss...!

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----- UI ------

ओss चेहरा है या चांद खिला है.. जुल्फ घनेरी शाम है क्या? सागर जैसी आखो वाली ये तो बता तेरा नाम क्या?

4 guys do a ramp walk during the song. Do girly things (No obscenity please).

RWS 5.0 is all about beauty. With our new Fluidic Design user interface flows like a water in a smooth river..!

(Loud Chorus) RWS 5.0, हमजैसा हसीन कोई और नही...!!

--- Pulse ----

(Increase the pace) धक धक...धक धक...धक धक..... धक धक करने लगा... ओ मोरा जियारा डरने लगा.. तू है मेरी दिलरुबा क्या लगती है वा रे वा...

धक धक करने लगा.... ओ मोरा जियारा डरने लगा.. धक धक...धक धक...धक धक.....

Rishabh: Oh yeah... As much as it seems impossible, RWS 5.0 is fully integrated with Store Pulse!!

(Loud Chorus) RWS 5.0, Stores की धडकन...!

--- UX -----

(Harry Potter Theme if possible in the background)

Ishan: I liked your software. But how do I publish a schedule?

Pratik: Just wave the hand and say the words!!!

अनुसूची प्रकाशित भव!

Chorus: Schedule for this week has been published... Ta Daa....

Pratik: New Reflexis Gesture Control Magic API provides User Experience never seen before.

(Loud Chorus) RWS 5.0, Abra... Ka  Dabra...!

--- Forecast, Workload & Schedule ---

Chorus: आवड मला ज्याची मी त्यालाच आणलं, त्याच्या गं बोलण्याला आता मी मानलं.. आवड मला ज्याची मी त्यालाच आणलं, त्याच्या गं बोलण्याला आता मी मानलं
शेजारचीही काळी मैना लागली डोलायला...तेवा लागली डोलायला... जेवा नवीन पोपट हा लागला विठू विठू बोलायला... जेवा नवीन पोपट हा लागला विठू विठू बोलायला...

Akshay: अरे ओ तोते... बता इन बेचारे लोगोंका भविष्य!

तोता (Amrit): (Picks up 1 card from the lot..) ये लो ज्योतिष महाराज... (Card says "Next week's forecast"..)

Akshay: क्या ये भविष्य सही होगा?

Amrit: जरूर जरूर.. क्युं की मै Reflexis का तोता हू! और मै सब जानता हू!

Amrit: Predictive Analysis module of RWS 5.0. Our algorithms are guaranteed to give you accurate forecast.

Ajinkya: अरे ये महाराज तो कुछ् भी फेकता है...

Akshay: अच्छा ऐसा...? Let me take a look at your workload & schedule.

Akshay: ॐ भजे भगभुगे भगनी भागोदरी भग्मासे येऊने ये... ॐ फट स्वा:....

आने दे... आने दे... आने दे....आ आ आ..!!

Akshay: बेटा तुम्हारी तो Band बाजा बारात बजने वाली है. You will get a call from Store Manager in 3...2...1....!

(Cellphone rings on guitar).

Manager On Phone(Monika): Hey Ajinkya, SM100 here..... Heads up! We will be working over weekends for next one month and 9 to 9 every weekday.

Akshay (Ajinkya trying to squeeze Akshay's throat): As a part of RWS 5.0, we generate Super optimized workload and our brand new NSGA is guranteed to give Super Perfect schedule. Perfect to the minute. Employees की बजाओ... खूब पैसा बचाओ...!!

Manager On Phone (Monika): Sorry Ajinkya..... but winter is coming..!

(Loud Chorus) RWS 5.0, We see the future... We are the future!!

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------ Final Game of Thrones Music ----

Everyone to have a printout of the feature in one hand. Everyone slowly moves behind one (preferably huge) guy holding RWS 5.0 printout.

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At the end everyone shouts... "RWS 5.0 - The Elephant is Marching" !!!!

Wednesday, October 14, 2015

Smashing Dub - Singham Way

Developers Vs QA battle in Singham way..

Starring -

---- QAs (The Police) ----

Bajirao Singham - Lead QA
Head Constable Savlekar - Senior QA who has put down his papers
+ Trainee software QAs

---- Devs (The Gundas) ----

Jaykant Shikre - Lead Developer
Shiva Nayak - Senior Software Developer
+ Trainee Software Developers

DSP Patkar - Team Manager (The one who likes developers more than QA)

And a poor support guy.

Hope you like it....!

Watch it here:




Script follows (There are some changes in actual performance):

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QATL: JIRA मे बग डाल. Backend मे exception है, UI पे javascript error है और alignment मेभी गडबड है उसपर. अब दिखाता हू सालोंको.

AS: Chuckles

QATL: क्या हुआ?

AS: कुछ नही कुछ नही. लिखो लिखो.

QATL: क्युं? तुमको कोई तकलीफ है?

AS: तकलीफ... हं.... ये..ये बग डालके क्या फायदा है सर? आपको मालूम है ये कोड किसकी टीम ने लिखा है?....जयकांत शिक्रे..

QATL: जानता हू. वही जयकांत शिक्रे जिसने पेहले वाले की बँड बजाई थी. और अब तुम जैसे QA अपना जमीर मारकर उसके बग report नही करते.

AS: Ooo साहब. अब मू मत खुलवाओ. ये सब बोलना आसान है. ऊस दीन आपने क्या किया? मॅनेजर की डर से टेस्ट केस छोड दिया.

XYZ: ए टेस्टर चूप बस.. काय बोलतो तु?

AS: ए.... मी भीत नाही कोणाला. मुझे डर नही किसीका. ये ऐसा लेक्चर मेरी सालोंकी जॉबमे कई बार सुना है. मै भी यहा Angry Young Man बनकर आया था. दो दीनमे गांधीजीका बंदर बना दिया ईन onsite वालोंने. न देखो, न बोलो, न सुनो. आपको क्या है? आपको बग का भूत चढा है? सबसे लढना है आपको? लढो.. मारो. दो दीन मे बग डालनेका भूत उतर जाएगा. अरे... कोई साथ नही देगा आपको.. कोई नही देगा. चलो.. ये टेस्टर आपके साथ खडा है.. जैसे दो महिनेही रेह गए ना मेरी Notice period के. मै पूरा साठ दीन आपके साथ खडा रेहता हू. क्या ऊखाडलोगे देख लेता हू मै. ये.. बग... हड....

QATL: जितना अच्छा बोलते हो.. काश उतनी अच्छी टेस्टींग भी कर लेते.

Dev: ए... बाजिराव सिंघम. क्या रे.. मेरे कोड मे चार बग निकाले तुमने? आ? साला उधर जयकांत गरम है... इधर तु गरम है... इसलिये मामलेको थोडासा मै... कूल करने आया... अरे बापरे.. खुर्सीपे बैठू ना?
नही खुर्सीपे ठपाक करके लाथ मारके मुझे बोलेगा तो नही..."जबतक बैठेनेको कहा ना जाए तबतक चुपचाप खडे रहो.. ये QA cubicle है तुम्हारे बाप का घर नही... हाए... हा हा हा हा ह्हा...
क्या फडणीस... कर्रेक्ट बोला की नही... चल एक चाय मारके आते है.. सुट्टे के साथ.
क्युं सिंघम... (Kiss Sound).... छोड देना मेरे पेज को.

QATL: बग रिपोर्ट हो चुका है.

Dev: तो close कर दे ना उसको.

QATL: JIRA Issue है. close करना allowed नही है.

Dev: छोड दे रे. ऐसे पचास बग दुसरोंके कोड मे निकालके दुंगा मै. छोड दे.  Pause...

Dev: ज्यादा सोच मत. Seriously बोल रहा हू तेरेको.. छोड दे.
सिंघम tears papers..

Dev: शाब्बास.

Dev: येही तो समझा रहा था मै तेरेको सिंघम. ये फोकट की गर्मी..और वो...

QATL: बग क्यूं क्लोज किया?

Dev: हा?

QATL: बग क्यूं क्लोज किया?

Dev: ए फडणीस...

QATL: बग क्यूं क्लोज किया?

Dev: सिंघम तेरेको पता है? मै कोन हू? जयकांत कौन है?

QATL: हा बोल. कौन है तू? बोल ना कौन है तू..?
Support Guys: सर बग...

QATL: जानता है ये कौन है? ये सपोर्टवाला.. मेहनतसे, इमानदारीसे कोड देखके एक दो बग fix करता है... तू कौन है? Java भी ना आने वाले.. गंदी टीम के किडे. औकात क्या हे तेरी? बोलो? बोल ना..
आता तुम्हाला तुमची औकात दाखवतो. इसने कदमके worklog डिलिट किये थे...अब इसकी worklog मे गालिया लिखते है.
(music) और एक issue बनाओ..ऑनसाईटसे मिटींग बुलाओ...

Manager: ए सिंघम.. क्या हो क्या रहा है? पागल हो गया है क्या तु? फालतू का बग डाल दिया.. उपरसे worklog मे गालिया? उसके बाद खुद बग close करके शिवा की मिटिंगमे मार दी??? काय चाल्लय काय?
अरे बाप का राज है क्या?

AS: साहब. शिवा नायकने हमारे सामने बग close किया.

XYZ: हा सर मैने भी देखा.

ABC: जी सर मैने भी देखा था.

Manager: अच्छा..? तुम लोग सब अपने आप को बहोत स्मार्ट समझते हो ना? ठीक है. शिवा नायक ने बग close किया. फिरभी मे बोल रहा हू की तुम उसके सारे बग resolve करो..अभी इसी वक्त.

QATL: अभी जो बोला वो मेलमे भेजो.. फिर सोचुंगा.

Manager: हा..? जानता है किससे बात कर रहा है? मै तेरा मॅनेजर हू...

QATL: अबे... चूप. जानता हू किससे बात कर रहा हू. उस मॅनेजरसे जो बग रिपोर्ट होनेसे पेहले dev को छुडवाने आ जाता है. हमारी ड्यटी बग निकालनेकी है... उसकेलिये पॉवर या Designation की जरूरत नही. सिर्फ दम की जरूरत है. दम...

Manager: तू इस कंपनी के manager से बात कर रहा है.. manager से.

QATL: और आप बाजीराव सिंघमसे. जो सही के साथ सही और गलत के साथ सही करने की हिम्मत.. ताकद औरे जुर्रत रखता है.
Manager: मै.. मै... मै...

QATL:  मै.. मै... मै... क्या मै मै..? टीम चेंज करेगा? फायर करेगा? तो कर ना.. तुम लोगोंको इन चिजोंसे फरक पडता होगा. मला फरक नाही पडत. गाव जाऊंगा.. मेहनत करूंगा.. अपनी startup शुरू करूंगा. मेरी जरूरते कम है इसलिये मेरे जमीर मे दम है.

Manager: चुप कर... छोटेसे टीम का मामुली Tester.

QATL: अरे.. Developer हो या Tester. कंपनी हम सबको एक जैसी नौकरी देती है. जिसमे सारा काम दिमाग से करते है. लेकीन मै यहा से करता हू... दिल लगाके.

Manager: अपने Managerसे जबान लडाता है...? अपने Managerसे...??

QATL: नही मै ऐसे Manager से जबान लडा रहा हू.. जो सारे Employees का नही... एक developer का... जयकांत शिक्रे का servent है.

Manager: भूल मत मेरे control मे दस टीम्स है जिसमे से तेरा एक है..

QATL: और मेरे control मे सिर्फ येही एक टीम है. उसमे जो टांग अडाएगा उसको Documentation team मे डालूंगा.. आईच्या गावात..


Thursday, January 29, 2015

जाने भी दो यारो


Software Development Life Cycle (SDLC) is nothing but "Repetitive Mahabharat" between Pan'dev' (पां'डेव्ह') and 'QA'rav ('क्यूए'रव).

This farcical skit is a mix of Software Development Life Cycle,  1983 hit film "Jaane Bhi Do Yaaro" (जाने भी दो यारो) and Macchindra Kambli's famous Marathi/Malvani Play "Vastraharan" (वस्त्रहरण)

Watch this farce skit here:



Script of the skit follows (There are some changes in actual performance):

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नमन नटवरा विस्मयकारा । आत्मविरोधी कुतूहलधरा ॥

-- Announcement on mic --
...कृपया ध्यान दे... ९ बजके २ मिनिटपे छूटने वाली लोकल आज...... Ooops Sorry...

...कृपया ध्यान दे... इस नाटक के सभी पात्र काल्पनिक है.... ऊनका किसी भी Employee या Manager के साथ कोई संबंध नही है... अगर ऐसी कोई समानताए नजर आई तो ऊसे मात्र एक संयोग कहा जाएगा |

--- Mahabharaat music......

Anchor - उपस्थित मान्यवर तथा आदरणीय प्रेक्षकगण... नमस्कार...! मै संजय.. मुझे ये Software वाले लोग Functional Expert केहते है... और प्यार से मुझे "तात्या" बुलाते है...
हा... तो...ये IT वाले लोग आज "महाभारत" पेश करने वाले है... और आने वाले तीन घंटे आप इसका भरपूर आनंद ले...

-- मै समय हूं music in background--
-- (On Mic) No No No No... How can you do this?
(South Indian Accent) तीन घंटे??? मैने तो सिर्फ दस मिनिट ही बोला था... अब weekend पे रुको और दस मिनिट मे खतम करो....
केहते है असली महाभारत तो सिर्फ अठरा दीन चला था.. दस मिनिट मे नाटक तो खतम कर ही सकते है |

Anchor - (Surprised) क्या.. बस दस मिनिट?... अछ्छा २०-२०... Short मे निपटाओ... चलो ठीक है.. वो भी कर लेते है... |

ध्रुतराष्ट्र - तात्या, ये सब क्या हो रहा है तात्या..

Anchor - हे व्यासपुत्र ध्रुतराष्ट्र यहा ऐसाही चलता है | कृपा करके आप ध्यान से देखे.... अ अ अ मेरा मतलब है सुने....|

Anchor - तो अब... हम पात्र परिचय करते है| सबसे पेहले... महापुरूष अर्जून |
-- Mera Man Dole... Mera Tan dole.... song ---

अर्जून - (Completely Drunk)  तात्या आप हील क्यू रहे है? हिलना मत... और मेरा माऊस किधर है?

Anchor - माऊस? मेलो ह्यो माऊस कुठुन आलो? अरे चूहे को बिल्ली खा गयी... चल तू अपना डायलॉग बोल...याद तो है ना?

अर्जून - (Drunken Accent.. And hilte dolte)... ए... चुप, मुझे मेरे डायलॉग Context है...

Anchor - Context?... हे पार्थ क्या आप "कंठस्थ" केहना चाहते है? यानी रटे हुअ...?

अर्जून - हा वही वही... रटे हुए है... चालू करू?

अर्जून - कुत्ते कमिने भीम मै तेरा खून पी जाऊंगा.. मेरी पादुकाए द्रौपदीके महल के बाहर रेहते हुए भी तुमने वहा security breach
करने की हिम्मत कैसे की? मेरा chance चला गया ना...?

Anchor - हे अर्जुन, जन की ना सही मन की तो पर्वाह करो.. वो था एक अर्जुन जिसकी कोई तुलना नही... और एक है ये, जिसको कोई संतुलनही नही...
कुत्ते कमिने? security breach? chance? इस महान धनुर्धारीको कोई निंबू पानी पिला दो...

अर्जुन - मुझे English बोलना है... You see... I good English... I have had been English... मुझे नागिन Dance करना है... Music......
नागिन dance music.... Arjun goes to side and sits swaying in both directions.

Anchor - हा हा ठीक है हे श्रेष्ठ..! जैसी आपकी ईछ्छा |

--- Taar bijli se patle hamare piya song ----
भीम runs down from inside the crowd on the stage...and shows body and laughs like a ravan...

अर्जुन - ये देखो हमारा Two Dimentional Array आ गया... भीम...

भीम - ही ही ही हा हा हा... बोलो बोलो बोलो किसका कोड फोडना है?

Anchor - (Self Dialog) वो अर्जुन उसका माऊस ढुंड रहा था.... यही है क्या वो चूssssहा?
(Addressing Bheem) हे गदाधारी भीम, कृपा करके आप आपका अभिनय चालू करो..

भीम -  (Bhim takes the bells off the stump, hits it on the ground like chanderpaul, acts like sachin... and says..)
चल बॉल डाल...

Anchor - हे महा बलवान... ये पिछले साल का है...  ए.. इसको साईड मे लेलो यार कोई...

Anchor - तो अब आ रहे है महा खलनायक दुर्योधन...

--- Azeeemo Shaan Shehensha -- Akbar song.... ---- (Anchor puzzled)
Side person -- Attteeeeension...... अकबरजीके लाल.. अनारकली के पाल... महा भयानक... महा लालची... सलिम भाय... पधार रहे है.... |

दुर्योधन - असल्लामवालेकुम...

अर्जुन - वालेकुमस्ल्लाम... भाई कैसे हो... और क्या हाल चाल.. सब ठीक..?

Anchor - Dioalog बोलो, Dioalog बोलो ...

दुर्योधन - कहा है मेरी अनारकली... और कहा है वो कंबख्त पांडेव...

अर्जुन - आयला अनारकली? ये तो change request है....|

ध्रुतराष्ट्र - सलिम? अनारकली?? पांडेव??... ये सलिम कहा आ टपका... ये सब क्या हो रहा है तात्या?

भीम -  तात्या ये दुर्योधन मेरे डोके मे भोक कर रहा है... उसको फोड डालू क्या?

Anchor - शांत गदाधारी भीम... शांत.... जाने भी दो......
हा.... तो अब आ रहे है...... कपट से भरे शकुनी मामा....... Musicccc.......
--- Hello All... The bus is the ready at the gate... the bus will the leave at the 6:15 sharp....

All people on the stage act of packing the bags...

Anchor - अरे... रूको रूको... कहा जा रहे हो... ये musician कहा से पकड के लाए हो?

Anchor - Come on..... शकुनीवाला Musicccc...

---- केहके लुंगा song ---

Anchor - अरे... मारो यार इस musician कोई.... दुर्योधन तुम्हारा Dialog है....

दुर्योधन - हे मामाश्री आदाब.... आप कहा थे इतने दीन? आपको देखके मै धन्य हो गया... मै आपके चरण स्पर्ष
करना चाहता हू...
(Toches legs and remains there for some time... Meanwhile shakun is busy smoking....)
(Moving legs of shakuni)... मै आपके चरण स्पर्ष कर रहा हू

शकुनी - अरे... s s s s s s sorry sorry ... I I I I was very busy... didn't have ब ब ब ब bandwidth to l l l l look into your issues....

Anchor - अरे Dialog बोलो, अरे Dialog बोलो |
--- शोले गब्बर music....

शकुनी - (हकलाते हुए) कि कि कि.. कितने पांDEV थे...?

दुर्योधन - पांच मामाजान....

शकुनी - और कि कि कि कि कि कि कि कि कि.......?

दुर्योधन - आज खतम होगा.....?

शकुनी - कि कि कि कि कि तने QAरव थे...?

दुर्योधन - सौ मामाजान.... आप क्या status update ले रहे हो..?

शकुनी - ए... शूssss.... पांच पांDev और सौ QAरव...? येतो बहुत ना ना ना ना ना नाइंसाफी है.... लेकीन अछ्छी
है.... मोगँबो... खूष हुआ..... |

ध्रुतराष्ट्र - गब्बर...? मोगँबो.....? This is too much... तात्या ये सब क्या हो रहा है, तात्या?

शकुनी - Release क क क कब है.. कब है Release???

दुर्योधन - पांच मिनिट मे देना है सरजी... Its like mission impossible...

शकुनी - बस पांच मिनिट?? ... (Bhojpuri Accent) भय्या ई हमसे न हो पाई....

-- मै समय हूं ---

--- On Mic --- No no no no no... How can you say this? हम ऐसा क्या पेहली बार कर रहे है? You have to do this.... पांच मिनिट मे तो देना होगा...

भीम - मै सोच रहा... मै सोच रहा... मै सोच रहा... मै सोच रहा... मै सोच रहा... मै सोच रहा... (In various actions till he sleeps on the ground..) ये सब कैसा करेंगे..?

Anchor - तुम क्या ऐसे सोचेते हो??

दुर्योधन - Yessss... we will do it..! (Starts jumping vigourously...)

Anchor - अरे अरे अरे ये क्या कर रहे हो...

दुर्योधन - मै performance testing कर रहा हूं.... मेरा मतलब है मै अपने महान ताकद की परीक्षा कर रहा हूं...

Anchor - अरे रुको... रुको... रुको... धर्मराज युधिष्ठिर को तो आने दो....

----- Main hun don... main hun don... song.....

भीम - (पिछेसे) ये लो आ गया TL.... सबसे लेट... खुद तो कुछ करता नही... हमसे सारा काम करवाता है...

Anchor - युधिष्ठिर... Time नही है... जल्दी अपना परिचय दो....

युधिष्ठिर - हं... मेरा परिचय...? मुझे जानते नही....? मेरा नाम... विजय दिनानाथ चौहान... और प्यार से सब मुझे VJ बुलाते है..... हाए...

शकुनी - धर्मराज... तुम्हारे पास द द द द द द दाव पे लगाने के लिये कितने Dev है..?

युधिष्ठिर - मेरे पास...? मेरे पास... मनीष है... प्रशांत है... रवी है... और बताऊं? मेरे पास जय है..... तुम्हारे पास क्या है QAरव???

शकुनी - हमारे पास.... हमारे पास.... म म मा म मा मा म मा मा म मा मा मंगेश पाटील है.....|
(Silense for a minute while everyone looks at each other with puzzled expressions... Sans bhi kabhi bahu thi types music....)

शकुनी - दांव लगाओ... और फांसे फेको....
युधिष्ठिर फांसे फेकते हुए केहता है... ये लगे मेरे पाच Dev
शकुनीभी फांसे फेकते हुए केहता है... ये लगे मेरे सौ QA

शकुनी - ही ही ही हा हा हा.... जीतम् जीतम् जीतम्.... ही ही ही हा हा हा....

दुर्योधन - ही ही ही हा हा हा.... (With finger guestures of counting money) सारा धन तो खतम हो गया... (With स्तन finger guestures)... अब क्या बचा है?

----- O womania music ---- Draupadi comes on stage with random dance -----

भीम - ए लो... आ गई Productivity....
Anchor - Productivity नही बलराज... द्रौपदी...|

द्रौपदी - भीम.... Daarling... You are so naughty...

अर्जुन - (Wakes up from sleep) Looks like this is the bug in the system. We are looking into it... and we will fix it ASAP...

ध्रुतराष्ट्र - ये सब क्या हो रहा है?

भीम -  तात्या ये अर्जुन की तो ऐसी की तैसी..... फोड डालू क्या?

Anchor - शांत गदाधारी भीम... शांत....

दुर्योधन - इस Product का अब सब QAरव मिलके चीरहरण करेंगे... हा हा हा हा हा हा...

युधिष्ठिर - नही....... इस Product का चीरहरण करने से पेहले तुम्हे मेरा सर फोडना पडेगा....

दुर्योधन - ओए हटाओ यार ये ले..... (दुर्योधन युधिष्ठिर का सर फोड देता है... युधिष्ठिर गिर जाता है....) लो... ये लो हो गया.... फट गया Security Test...

भीम - भ्राताश्री को मारा... हे महापापी दुर्योधन, तुमने हमारे भ्राताश्री के कोड मे बग निकाला?? अब देख... मै मेरी गदा से तुम्हे कैसे ऊद्धस्त करता हूं |
(दुर्योधन एक फूक मारता है... और एक धक्का देके भीम को गिरा देता है)

भीम - (रोते रोते...) अपुनको मारा... अपुनको....? सारी यारी दोस्ती भुलादी? ये भाईगिरी अब नही चलेगी... मुझे नही करना नाटक वाटक...!! I Quit.... I Resign....

ध्रुतराष्ट्र - ये सब क्या हो रहा है?

दुर्योधन - JIRA मे डालो.. JIRA मे डालो..

अर्जुन - This is not a bug.... Resolving it as wont fix....

दुर्योधन - Won't fix...? Ye le..

शकुनी - ओए हटा सा सा सा सा सावन की घटा... दुर्योधन मार सब को....
(Total chaos and maramari on the stage.... and similar music....)
(After the fight... everyone gets up and shakes hand... )

ध्रुतराष्ट्र - ये सब क्या हो रहा है? महाभारत का क्या हुआ? और द्रौपदी का क्या हुआ?

शकुनी - (Speaking to audiance) ये US में बैठा हुआ client ना... एकदम बिलकूल अंधा है... |
(Looking at ध्रुतराष्ट्र): हे महाअधिपती ध्रुतराष्ट्र आपकी जय हो.... आप महान है... क्षमा करे परंतु, अभी आपके सामने जो हुआ वोही तो महाभारत का महायुद्ध था... और द्रौपदी... Ummmm?
(Looking at others...): ए अरे दे दो रे ऊसको वोही द्रौपदी नई साडी पेहनाके....
Everyone talking to each other in a group...
युधिष्ठिर - हुश्श्श्श् हो गया release.... हो गया महाभारत.... Yessss....we did it once again...
And we are number ONE in client satisfaction... Well done guys.... चलो पार्टी करते है... Dance करते है...!!
------ लुंगी Dance ------
Anchor - And that, my friends, is known as Software Development Life Cycle... AKA SDLC... AKA महाभारत !

Thursday, February 20, 2014

3 Idiots


२०१४ मध्ये लिहिलेली एक मुलाखत 

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परवाच पार्ल्यातल्या जीवन हॉटेलमध्ये गरम गरम चहा मारत बसलो होतो. एकटाच होतो. दिवस फार कटकटीचा गेला होता. 
शेजारच्या टेबलावर कोणीतरी तीन तरूण बसले होते. पार्ल्यातलेच असावेत. फारच मोठ्या मोठ्यानं गप्पा मारत होते. त्यामुळे मी जरा त्रासूनच त्यांच्याकडे बघू लागलो. सहाजिकच त्यांच्या बडबडीकडे माझे लक्ष गेले. 
"ताडोबाला हे लोक अक्षरशः पोटभर जेवले. वाघडोह मेल पंधरा मिनिटं.." त्यातला एक जण म्हणाला. 
मला काही कळेना. मी जरा नीट ऐकू लागलो.
"लास्ट बॅचचा बर्ड काऊंट शंभराच्या वर गेला. एकदम खूष होतं पब्लिक." दुसरा टिवल्या बावल्या करत होता.
"ए लोक्या, पुढच्या सिझनला कान्हा नक्की रे. आणि नागरहोळ पण. मस्त जंगल आहे तिथलं. पायलटचे हे फोटोज आणलेत, बघ रे तू फक्त. एकदम कडक." तिसरा कॅमेरा काढत म्हणाला. 
आता मात्र माझ्या त्रासिक नजरेची जागा कुतुहलाने घेतली. वाईल्ड लाईफ बद्दल ते काहीतरी बोलत होते हे कळलं पण ही बॅच, ती बॅच वगैरे असं काय बोलत होते ते कळेना.
"अरे बाप फोटो आहे रे हा. बोले तो एकदम झक्कास. आणि त्या वाघिणीचा कॅटवॉक.. च्यामारी.. अफलातून.." कॅमेराकडे बघत पहिला ओरडला.
इतक्या वेडेपणाने ते तिघे बोलत होते की मला पण तो फोटो आणि वाघिणीचा व्हिडियो बघावासा वाटला.
"ए ऐका ऐका, विजयनगरच्या ऑफिसमध्ये हा फोटो लावू. भिंतीवर एकदम सुंदर दिसेल." हातवारे करत तिघांतला एक पुढे म्हणाला.
"पुण्यातपण ऑफीस सुरू करायचं रे लवकर. साला बिझनेस चांगला वाढेल त्यामुळे."
बिझनेस म्हटल्यावर आता मला थोडी कल्पना येऊ लागली. यांची मुलाखत घ्यायचीच असं मी ठरवलं. 
आता तुम्ही म्हणाल मुलाखत कुठुन आली मध्येच?
तुम्हाला खोटं वाटेल पण मला एक वेगळीच सवय आहे. कोणी जगावेगळी गोष्ट करताना दिसलं तर मी सरळ त्याच्याशी बोलायला जातो आणि चक्क त्याची मुलाखत घेतो. आतापर्यंत  अशा चाळीस मुलाखती घेतल्यायत मी. ही एकेचाळीसावी असणार हे जवळपास नक्कीच झालं होतं.
"माफ करा हं, पण मी तुमच्या गप्पा ऐकल्या. जंगल आणि बिझनेस या तशा दोन विसंगत गोष्टींबद्दल तुम्ही काहितरी बोलत होतात, खूप interesting वाटलं म्हणून तुम्हाला जरा त्रास देतोय." मी त्याची बडबड थांबवत विचारलं.
"छे छे, त्रास कसला. सवय आहे आम्हाला. जस्ट जॉइन इन. हा लोकेश, हा विदा आणि मी अर्चिस." हा अर्चिस, आम्ही अगदी बालवाडीपासून एकत्र असल्यासारखं, बिनधास्त बोलू लागला.
"नमस्कार. सॉरी तसा जरा त्रासच देतोय.. पण मला तुमची मुलाखत घ्यायची आहे."
मुलाखत म्हटल्यावर तिघांनी मांजरासारखे (की वाघासारखे?) कान टवकारले.
"मुलाखत वगैरे काय? आम्ही कधी मुलाखत नाही दिली बुवा. पत्रकार वगैरे आहात की काय?" लोकेश म्हणाला.
"नाही नाही. माझा छंद आहे तो." तिघांच्या कपाळावरच्या प्रश्नचिन्हाकडे बघत मी म्हणालो. हे काय मला नवीन नव्हतं. पण मला पुढची reaction बघायची होती.
"वा वा.. पहिल्यांदाच ऐकला असा छंद. चांगलं आहे. पण मुलाखत वगैरे नाव नका हो देऊ याला. आपण मस्त गप्पा मारू. चार मिसळ आण रे..." विदा पोर्‍याला ऑर्डर देता देता, हसत म्हणाला.
"संध्याकाळी मिसळ?" मी चटकन बोलून गेलो.
"हात्तिच्या त्यात काय? मिसळ पेटवायला काही काळ वेळ असतो का?" लोकेश पोटावर हात फिरवता म्हणाला.
पण मुलाखतीला त्यांनी लगेच होकार दिल्याने मलाही बरं वाटलं. नाहीतर, मुलाखत किंवा Interview म्हटल्यावर लोकांच्या ज्या काही प्रतिक्रिया असतात ना, काही विचारू नका.
"धन्यवाद." मी स्माईल देत म्हणालो.
"सॉरी, पण तुम्ही नक्की काय बोलत होतात? जरा सांगाल काय?"
"प्रत्येक वाक्याला सॉरी म्हणायची सवय आहे का तुझी? झाली की आता ओळख. सॉरी बिरी नको." अर्चिस एकवचनावर येत म्हणाला. दोन-चार वाक्यातच त्याने मला मित्र करून टाकलं. 
"बरं, सांगतो आता आमच्याबद्दल. We are founders of Twine Outdoors. आम्ही टूरीझम क्षेत्रात काम करतो." गरम चहाचा कप हातात घेत अर्चिस म्हणाला.
"मराठी माणूस आणि धंदा हे समीकरण बर्‍याच जणांना जरा अवघड वाटते. पण धंद्यासाठी लागणारे सगळ्यात मोठे भांडवल म्हणजे डो़के आणि त्याहूनही अधिक महत्त्वाचे म्हणजे बरोबरची माणसे. आमच्याकडे दोनही गोष्टी होत्या, त्यामुळे ठरवले की Business करायचाच.." एका दमात विदा म्हणाला.
"अगदीच पुस्तकी वाटत नाहिये ना?" मी काही बोलणार त्याआधीच त्याने माझी विकेट काढली.
"नाही नाही तसं काही नाही, तुम्हाला जे वाटेल ते बोला." मी हसत ऊत्तर दिलं.
"बाय द वे, सुरूवातीला काही कुसक्या कांद्यांनी आमची थट्टापण केली. पण अशांकडे दुर्लक्ष करणं फार सोयीचं असतं." लोकेश. 
"बरं, आम्ही तिघे CA, बरेच जण आम्हाला 3 Idiots म्हणतात. आणि खरं सांगायचं तर आम्हालाही ते आवडत. Its really feels better to be an Idiot Chartered Accountant...!"
"मुळातच आम्हाला भटकायची प्रचंड आवड आहे. प्रचंड म्हणजे अगदी राक्षसी. जंगलाबद्दल तिघांनाही आकर्षण आहे. मग काय.. एकदा अशाच एका संगमेश्वर जवळच्या डोंगरावर करवंद खाताना आमची ओळख झाली. ती पण एक भारीच गोष्ट आहे. पण ती नंतर कधीतरी. हा तर, एका ओळखीतच आम्ही मित्र झालो आणि हा हा म्हणता बरीच जंगलं एकत्र सर केली. तिघे भारतभर फिरलो. तुमचा विश्वास नाही बसणार पण असंच एकदा आम्ही नागझिर्‍याला गेलो होतो तेव्हा तिघांच्याही डोक्यात एकदम विचार आला, की या क्षेत्रातच आपण धंदा का करू नये? एक वेगळेपण कोणाला नाही आवडत?" अर्चिस चहा फुर्र् फुर्र् करत म्हणाला. 
"म्हणूनच Wildlife Tourism म्हणजेच आमच्या भाषेत Live Tourism किंवा Dynamic Tourism. जर फिरायची आवड असेल तर वेळेचं आणि त्याहून जागेचं बंधन रहात नाही. आणि आमचंही तसंच होतं, म्हणून Tourism Beyond Boundaries. आणि काहीही झालं तरी 'छोडेंगे दम मगर तेरा साथ ना छोडेंगे' अशी आमची मैत्री. आम्हाला एकत्र फिरायला हे जगही अगदी लहान आहे. या वास्तवातूनच जन्माला आलं आमचं नाव, Together, World Is Not Enough, TWINE, TWINE Outdoors." विदा अगदी excite होऊन म्हणाला.
"जन्माला आलेलं हे बाळ हळू हळू बाळसं धरू लागलं. Wildlife बरोबरच Corporate Outing आणि Concept Tours या शाखादेखील सुरू झाल्या आणि ते बाळ दुडू दुडू धावूही लागलं." लोकेश म्हणाला.
"ए...ए... फार सेंटी होतंय हे. रडू का मी आता?" अचानक विदा अक्षरशः ओरडला. पण त्याच्या चेहर्‍यावरचा मिश्किलपणा काही जात नव्हता. 
"पण काय करणार असंच काहिसं झालं आहे आपल्याबरोबर... आणि मुलाखत देतोय ना.. जरा अलंकारीक का काय ते बोलायला नको?" लोकेश डोळे मोठे करत म्हणाला.
मी फक्त समोर जे काही चाललं होतं त्याची मजा घेत होतो. मला वेगवेगळे प्रश्न विचारून ऊत्तरं काढून घ्यायची गरजच भासत नव्हती. कोण म्हणतो कपाळावर आठ्या आणूनच बिझनेस करता येतो? कोण म्हणतो मित्रांना सोबत घेऊन बिझनेस करता येत नाही?
"आम्ही Wildlife शाखेअंतर्गत, भारतभर, Wildlife Tours, Nature Tours आणि Monsoon Treks अशा निसर्गाच्या सान्निध्यातल्या टूर्स करतो. आम्हालाही जंगलाच्या जवळ रहाता येतं आणि लोकांनाही कधिही न बघितलेल्या गोष्टी बघायला मिळतात. आमच्याबरोबर अगदी पहिल्यांदा आलेले Twiners, म्हणजे कावळा, चिमणी आणि कबूतर एव्हढेच पक्षी माहित असलेले लोक, आता बघताक्षणी जवळजवळ कुठलाही पक्षी ओळखतात." विदा अगदी अभिमानाने सांगत होता.
"माणसं आणि पर्यावरण जपणं हा आमचा मोटो आहे. Twine ची टूर जिथे जाईल तिथल्या वातावरणाला आणि जैव-विविधतेला काहीही त्रास होणार नाही याची पूर्ण काळजी आम्ही घेतो. आणि माणसं जोडण्या आणि जपण्याबद्द्ल सांगायचं तर प्रत्येक टूर झाल्यावर, Twiners ची आमच्याशी आणि एकमेकांशी अगदी घट्ट मैत्री होते. अगदी लंगोटी यारांसारखी. आणि मग टूरनंतर, फेसबूक आणि व्हॉट्सअॅपवर अगदी कल्ला चालू असतो." लोकेश म्हणाला
" 'Wildlife Tourism म्हणजे फक्त जवळून वाघ बघणे' ही समजूत किती चुकीची आहे हे सगळ्या Twiners ना आता माहिती झालंय. आणि त्यामुळेच आमचे Twiners अगदी मनसोक्तपणे जंगल अनुभवतात. समोर येणार्‍या प्रत्येक प्राणी, पक्षी आणि झाडाचा आस्वाद घेतात. आणि अगदी खरं सांगतो, समाधान का काय जे म्हणतात ना ते हेच." विदा आता खरंच जरा सेंटी झाला होता.
"Responsible Tourism हेच खरं Wildlife Tourism. हा आमचा फंडा आहे." लोकेशही जरा गंभीर होत म्हणाला. 
"चहा थंड होतोय तुझा. मध्ये मध्ये जाऊदे तोपण घशात. बाय द वे, Corporate Outing बद्दलही जरा सांगतो." अर्चिसने मूड चेंज केला.
"Corporate Outing मधून वेगवेगळ्या companies मधल्या टीम्सच्या outbound events, picnics, trips आणि team building events आम्ही सुरू केल्या. Corporate Outing ला आम्हाला खूप चांगला प्रतिसाद मिळाला. पिरामल, Barclays, Deutsche Bank, Citiustech अशा बर्‍याच corporates च्या टीम्स आम्ही नेल्या. पण पुढच्या काळात आम्ही या शाखेवर अजून जास्त लक्ष केंद्रित करणार आहोत."
एव्हाना मिसळही आली होती. पण माझं सगळं लक्ष त्यांच्या बोलण्याकडेच होतं.
"आणि आमची तिसरी विंग, Concept Tours! Concept Tours is something unique to us. टुरिझमची जी चौकट आहे, त्याबाहेर जाऊन या टूर्स होतात. वेगवेगळ्या themes आणि नाती यांवर या टूर्स असतात. 'Day out with Dad' या आमच्या टूरला जे जे Twiners आले आहेत ते कधिही भेटले तरी पहिली त्याचीच आठवण काढतात. आईला घरीच टाटा करून फक्त बाबांबरोबर फिरायला जाऊन लहान मुलं जी काही खूष होतात, ते अगदी बघण्यासारखं असतं. आणि मनसोक्त मस्तीही करायला मिळते." पुन्हा डोळे मोठे मोठे करत लोकेश म्हणाला.
"मिसळ संपवल्याशिवाय पुढची मुलाखत मिळणार नाहीये हा तुला !!" आता विदाही अरे तुरे वर आला.
"अजून एक सांगायचं तर 'लहाणपण देगा देवा' या टूरमध्ये सगळी सिनिअर मंडळी अगदी लहान होऊन खेळतात. मजा येते!" अर्चिस मिसळ हाणत म्हणाला.
"आज तीन वर्षे झाली आणि हा प्रवास उत्तम चालू आहे. तिघांनी रोवलेल्या या रोपाचा आता हळूहळू वृक्ष होत आहे. वर्षाला साधारण पाच-सहाशे लोकं आमच्या टूर्सना येतात. आणि आमचं वेगळेवण अनुभवतात." जरासा थांबून विदा म्हणाला.
मी खरोखर खूष झालो होतो. दिवसभराची कटकट, थकवा गायब झाला होता. हे तिघे माझ्यासारख्या अनोळखी माणसाला अगदी बिनधास्त आणि प्रचंड ऊत्साहाने त्यांच्या venture बद्दल सांगत होते.
"पुढचा काय प्लॅन आहे तुमचा Twine साठी?" मीपण मिसळीचा शेवटचां घास उडवत विचारलं.
"प्रत्येक सिझनला नेहमीच्या टूर्स बरोबरच २-३ नवीन ठिकाणी, आणि २-३ नवीन प्रकारच्या टूर्स करण्याचा आमचा प्रयत्न असतो. त्यामुळे अगदी येत्या ऊन्हाळी सिझनबद्द्ल बोलायचं तर ताडोबा, नागझिरा, पेंच, रणथंबोर, बांधवगड, गिर यांबरोबरच कान्हा आणि दक्षिणेतलं नागरहोळ या दोन नवीन ठिकाणीही wildlife tours नेणार आहोत." लोकेश हातातला कॅमेरा हलवत म्हणाला.
"आणि Concept टूर्सअंतर्गत 'Day Out with Dad' आणि 'लहाणपण देगा देवा' बरोबरच 'Foodies Day Out', 'सफर-ए-दूर्ग' अशा टूर्स नेणार आहोत. अनेक प्रायोगिक टूर्सपण करणार आहोत. नात्यांना घट्ट करणार्‍या Relationship टूर्सही नजिकच्या काळात नेणार आहोत. आणि तुला सांगतो, जर तुझ्याकडेसुद्धा एखादा वेगळा Concept असेल तर नक्की सांग. तोही घेऊन जाऊ. या टूर्समध्ये म्हणजे अगदी.. Playground is open !!" अर्चिस जवळजवळ खिदळतच होता.
"वेगळेपण आणि आपलेपण हा आमचा USP आहे. त्यामुळे येत्या काळात जास्तीत जास्त वेगळ्या प्रकारच्या टूर्स आम्ही आणणार आहोत. सध्या सर्व भारतभर आम्ही टूर्स नेतोच; लवकरच परदेशातही Wildlife टूर्स नेण्याचा इरादा आहे. Concept tour मध्ये नवनवीन टूर्स नेणारं Twine Outdoors हे एकमेव नाव आहे आणि राहील. Corporate शाखेमध्ये अधिकाअधिक corporates ना सेवा पुरवण्याचा ऊद्देशही डोळ्यासमोर आहेच. पण सगळ्यात महत्त्वाचं म्हणजे जे काही करायचंय ते सगळं माणसं जपूनच." अर्चिस अगदी भारावून गेला होता.
या एका चहा आणि मिसळीवर झालेल्या छोट्याश्या पण अगदी रोमांचक भेटीला आता महिनाभर झाला. परवाच मी बारामतीजवळच्या भिगवणला Twine Outdoors बरोबर त्यांच्या 'Waders Special' टूरलाही जाऊन आलो. पक्षीनिरिक्षणाबरोबरच जी काही धमाल आम्ही केलीय ती शब्दांत सांगणं कठीण आहे. पण नुसतं घरगुती आपलेपणंच नाही तर, टूर हाताळण्यामध्ये या लोकांचा प्रोफेशनल टच, हातखंडा एकदम वाखाणण्यजोगा आहे.
हे नक्कीच पुढे जातील. या 3 Idiots चा हा प्रवास असाच चालत राहील आणि Twine Outdoors चा लवकरच वटवृक्ष होईल यात मला काहीही शंका नाही !

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Friday, June 22, 2012

एक लाजरा न् साजरा मुखडा..!


जगदीश खेबूडकरांची माफी मागून...!
फक्त ठळक शब्द मूळ गाण्यापासून बदलले आहेत...

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एक लाजरा न् साजरा मुखडा, चंद्रावानी खुलला ग
सांजा परसाकडला बसता हा जीव माझा हरला ग ! 

ह्या एकांताचा तुला इशारा कळला ग 
लाज आडवी येती मला की जीव माझा भुलला ग

नको रानी नको लाजू, लाजंमदी नको भिजू  
हितं नको तिथं जाऊ, आडोशाला उबं राहू

का.............? 
बघत्यात ! 

एक लाजरा न् साजरा मुखडा...............

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पोटाला विळखा, घालुन सजना, नका हो कवळुन धरू
का.............?

लुकलुक डोळं, करुन भोळं, बगतंय फुलपाखरू
कसा मिळावा पुन्हा साजनी मोका असला ग...

लाज आडवी येती मला ............. 

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बेजार झाले सोडा सजणा, शिरशिरी आली अंगा
का.............?

मधाचा ठेवा लुटता लुटता, बघतोय चावट भुंगा
मनात राणी तुझ्या हवेचा झोका झुलला ग

लाज आडवी येती मला ............. 

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डोळं रोखुन, थोडं वाकुन, झुकू नका हो फुडं
गटर्गुम गटर्गुम करून कबूतर बघतंय माज्याकडं
लई दिसानं सखे, आज ही भोवळ आली गं...

लाज आडवी येती मला .............
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